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गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के महीनों में पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिलाओं को à¤à¥à¤•ने से मना किया जाता है कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¤¸à¤¾ माना जाता है कि à¤à¥à¤•ने से पेट पर दबाव पड़ता है जो कि गरà¥à¤à¤¸à¥â€à¤¥ शिशॠके लिठसही नहीं होता है। अगर आप à¤à¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट हैं तो यहां जान लीजिठकि आपके लिठपà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में à¤à¥à¤•ना कितना हानिकारक साबित हो सकता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में महिलाओं को à¤à¥à¤•ने से मना किया जाता है। माना जाता है कि पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में à¤à¥à¤•ने से शरीर और शिशॠपर दबाव पड़ता है। गरà¥à¤ में à¤à¤®à¥â€à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• फà¥à¤²à¥‚इड à¤à¥à¤°à¥‚ण के आसपास होता है जो उसे सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है। हालांकि, पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी बढ़ने के साथ-साथ बेबी बंप के कारण पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला को à¤à¥à¤•ने में दिकà¥â€à¤•त हो सकती है।
अगर आप à¤à¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट हैं तो आपके लिठये जानना बहà¥à¤¤ जरूरी है कि पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के नौ महीनों और तीन सेमेसà¥â€à¤Ÿà¤° में आपको कब à¤à¥à¤•ना चाहिठऔर कब à¤à¤¸à¤¾ करने से बचना चाहिà¤à¥¤
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी की पहली तिमाही में à¤à¥à¤•ना
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ की पहली तिमाही में à¤à¥à¤°à¥‚ण बहà¥à¤¤ छोटा होता है और शरीर में लचीलापन रहता है। इसलिठहो सकता है कि इस समय à¤à¥à¤•ने में कोई दिकà¥â€à¤•त नहीं हो। पà¥â€à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा और पेट की लाइनिंग à¤à¥€ शिशॠको किसी à¤à¥€ तरह के नà¥à¤•सान से बचाने का काम करती है। अगर डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° ने आपको विशेष रूप से गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ की पहली तिमाही में à¤à¥à¤•ने से मना किया है तो आपको इस बात को गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ से लेना चाहिà¤à¥¤ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ की दूसरी तिमाही à¤à¥€ कà¥à¤› à¤à¤¸à¥€ ही होती है।
Breast Care during Pregnancy: गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ में आते हैं ये बदलाव, इस तरह करें देखà¤à¤¾à¤²
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान सà¥â€à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में आने वाले बदलाव कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार हैं :
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में आपके सà¥â€à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ का आकार बढ़ जाता है और इनमें छूने पर दरà¥à¤¦ और सूजन महसूस होती है।हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बदलाव के कारण निपà¥â€à¤ªà¤² और à¤à¤°à¥‹à¤²à¤¾ का रंग गहरा हो जाता है। à¤à¤°à¥‹à¤²à¤¾ निपà¥â€à¤ªà¤² के आसपास का हिसà¥â€à¤¸à¤¾ होता है।बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ से कोलोसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤® निकल सकता है। ये पीले रंग का गाढ़ा पदारà¥à¤¥ होता है।बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ के आसपास की नसों का रंग गहरा हो सकता है और सà¥â€à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में रकà¥â€à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ बढ़ने के कारण ये साफ दिखाई दे सकती हैं।गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान निपà¥â€à¤ªà¤²à¥‹à¤‚ और à¤à¤°à¥‹à¤²à¤¾ का आकार बड़ा हो जाता है।
बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ की बà¥â€à¤²à¥‰à¤• वाहिकाओं, सà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š मारà¥à¤•à¥â€à¤¸ और निपà¥â€à¤ªà¤²à¥‹à¤‚ में आई दरार को ठीक करने के लिठसà¥â€à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ की मालिश करें। मॉइसà¥â€à¤šà¤°à¤¾à¤‡à¤œà¤° या जैतून के तेल से निपà¥â€à¤ªà¤²à¥‹à¤‚ के आसपास की सरà¥à¤•à¥à¤²à¤° मोशन में मालिश करें। कम से कम पांच मिनट तक मालिश करें। इससे डिलीवरी के बाद सà¥â€à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दूध जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बनेगा, सà¥â€à¤¤à¤¨ मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® रहेंगे और दूध का पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ बढ़ेगा।
रोज हलà¥â€à¤•े वà¥â€à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करें और संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार लें। हाथों की सà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤¿à¤‚ग से सà¥â€à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है और बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ में दरà¥à¤¦ कम हो सकता है। जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फिजीकल à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ करने से बचें।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में आपको आरामदायक मेटरनिटी बà¥à¤°à¤¾ पहननी चाहिà¤à¥¤ इससे बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ की मांसपेशियां टोन और मजबूत रहती हैं और ढीली नहीं पड़ती हैं। जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ टाइट या गलत फिटिंग वाली बà¥à¤°à¤¾ न पहनें।
निपà¥â€à¤ªà¤² से कà¥à¤› मातà¥à¤°à¤¾ में कोलोसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤® लीक हो सकता है। इसे सोखने के लिठसूती कपड़े का इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें। गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी में साफ सूती कपड़ा à¤à¤¿à¤—ोकर बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ को साफ करें। बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ पर साबà¥à¤¨ या à¤à¤²à¥â€à¤•ोहल से बने कà¥â€à¤²à¥€à¤¨à¤¿à¤‚ग à¤à¤œà¥‡à¤‚ट का इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² न करें। इससे सà¥â€à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में रूखापन और दरà¥à¤¦ हो सकता है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में सà¥â€à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ किसी à¤à¥€ तरह की असहजता से बचने के लिठयहां बताई गई बातों का धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ रखें :
रोज साफ और गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी से बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ को साफ करें।बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ को रोज चेक करें कि कहीं उसमें कोई बदलाव तो नहीं दिख रहा।सà¥â€à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ को गीला न रखें कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि इसकी वजह से निपà¥â€à¤ªà¤²à¥‹à¤‚ में कà¥à¤°à¥ˆà¤• आ सकता है।संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार से वजन को ठीक बनाठरखें।धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ और शराब के सेवन से बचें।
हर महिला में पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ में à¤à¤• जैसे बदलाव नहीं आते हैं। कà¥à¤› महिलाओं को सà¥â€à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ के ढीले पड़ने या लीक होने की परेशानी होती है तो कà¥à¤› महिलाओं को कम से कम बदलाव नजर आ सकते हैं।
बेहतर होगा कि आप गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में अपनी बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ की अचà¥â€à¤›à¥€ तरह से देखà¤à¤¾à¤² करें और कोई à¤à¥€ असामानà¥â€à¤¯ बदलाव दिखने पर डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° को जरूर दिखाà¤à¤‚।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ की तीसरी तिमाही में à¤à¥à¤•ना
जैसे-जैसे पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी का समय बढ़ता जाता है, वैसे-वैसे गरà¥à¤ में शिशॠका आकार à¤à¥€ बढ़ता चला जाता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी की तीसरी तिमाही में à¤à¥à¤•ने से कई तरह की समसà¥â€à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती हैं, जैसे कि :
बेबी बंप के साथ à¤à¥à¤•ने पर संतà¥à¤²à¤¨ बिगड़ने का खतरा रहता है। इस समय शिशॠका सिर नीचे की ओर होता है और अगर à¤à¥à¤•ते समय आप गिर गईं तो पेट में चोट लग सकती है और पà¥â€à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टल अबà¥â€à¤°à¤ªà¥â€à¤¶à¤¨ के साथ-साथ बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग और मिसकैरेज तक हो सकता है।
आगे की ओर à¤à¥à¤•ने पर सिर की तरफ रकà¥â€à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ बढ़ जाता है जिससे चकà¥â€à¤•र आने जैसा महसूस हो सकता है।
à¤à¥à¤•ने पर पेट में बहà¥à¤¤ दबाव पड़ता है और इसकी वजह से à¤à¤¸à¤¿à¤¡ रिफलैकà¥â€à¤¸ हो सकता है जो कि सीने में जलन का रूप ले लेता है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में कमर दरà¥à¤¦ होना आम बात है और आगे à¤à¥à¤•ने पर कमर के ऊपर पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° और बढ़ जाता है। ये आपकी कमजोर लिगामेंट में दरà¥à¤¦ पैदा कर सकता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान सà¥â€à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में आने वाले बदलाव कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार हैं :
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में आपके सà¥â€à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ का आकार बढ़ जाता है और इनमें छूने पर दरà¥à¤¦ और सूजन महसूस होती है।हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बदलाव के कारण निपà¥â€à¤ªà¤² और à¤à¤°à¥‹à¤²à¤¾ का रंग गहरा हो जाता है। à¤à¤°à¥‹à¤²à¤¾ निपà¥â€à¤ªà¤² के आसपास का हिसà¥â€à¤¸à¤¾ होता है।बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ से कोलोसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤® निकल सकता है। ये पीले रंग का गाढ़ा पदारà¥à¤¥ होता है।बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ के आसपास की नसों का रंग गहरा हो सकता है और सà¥â€à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में रकà¥â€à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ बढ़ने के कारण ये साफ दिखाई दे सकती हैं।गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान निपà¥â€à¤ªà¤²à¥‹à¤‚ और à¤à¤°à¥‹à¤²à¤¾ का आकार बड़ा हो जाता है।
बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ की बà¥â€à¤²à¥‰à¤• वाहिकाओं, सà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š मारà¥à¤•à¥â€à¤¸ और निपà¥â€à¤ªà¤²à¥‹à¤‚ में आई दरार को ठीक करने के लिठसà¥â€à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ की मालिश करें। मॉइसà¥â€à¤šà¤°à¤¾à¤‡à¤œà¤° या जैतून के तेल से निपà¥â€à¤ªà¤²à¥‹à¤‚ के आसपास की सरà¥à¤•à¥à¤²à¤° मोशन में मालिश करें। कम से कम पांच मिनट तक मालिश करें। इससे डिलीवरी के बाद सà¥â€à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दूध जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बनेगा, सà¥â€à¤¤à¤¨ मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® रहेंगे और दूध का पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ बढ़ेगा।
रोज हलà¥â€à¤•े वà¥â€à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करें और संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार लें। हाथों की सà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤¿à¤‚ग से सà¥â€à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है और बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ में दरà¥à¤¦ कम हो सकता है। जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फिजीकल à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ करने से बचें।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में आपको आरामदायक मेटरनिटी बà¥à¤°à¤¾ पहननी चाहिà¤à¥¤ इससे बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ की मांसपेशियां टोन और मजबूत रहती हैं और ढीली नहीं पड़ती हैं। जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ टाइट या गलत फिटिंग वाली बà¥à¤°à¤¾ न पहनें।
निपà¥â€à¤ªà¤² से कà¥à¤› मातà¥à¤°à¤¾ में कोलोसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤® लीक हो सकता है। इसे सोखने के लिठसूती कपड़े का इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें। गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी में साफ सूती कपड़ा à¤à¤¿à¤—ोकर बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ को साफ करें। बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ पर साबà¥à¤¨ या à¤à¤²à¥â€à¤•ोहल से बने कà¥â€à¤²à¥€à¤¨à¤¿à¤‚ग à¤à¤œà¥‡à¤‚ट का इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² न करें। इससे सà¥â€à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में रूखापन और दरà¥à¤¦ हो सकता है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में सà¥â€à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ किसी à¤à¥€ तरह की असहजता से बचने के लिठयहां बताई गई बातों का धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ रखें :
रोज साफ और गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी से बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ को साफ करें।बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ को रोज चेक करें कि कहीं उसमें कोई बदलाव तो नहीं दिख रहा।सà¥â€à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ को गीला न रखें कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि इसकी वजह से निपà¥â€à¤ªà¤²à¥‹à¤‚ में कà¥à¤°à¥ˆà¤• आ सकता है।संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार से वजन को ठीक बनाठरखें।धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ और शराब के सेवन से बचें।
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हर महिला में पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ में à¤à¤• जैसे बदलाव नहीं आते हैं। कà¥à¤› महिलाओं को सà¥â€à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ के ढीले पड़ने या लीक होने की परेशानी होती है तो कà¥à¤› महिलाओं को कम से कम बदलाव नजर आ सकते हैं।
बेहतर होगा कि आप गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में अपनी बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ की अचà¥â€à¤›à¥€ तरह से देखà¤à¤¾à¤² करें और कोई à¤à¥€ असामानà¥â€à¤¯ बदलाव दिखने पर डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° को जरूर दिखाà¤à¤‚।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में à¤à¥à¤•ने के टिपà¥â€à¤¸
अगर आपको गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में किसी काम से à¤à¥à¤•ना ही पड़ रहा है तो आगे की ओर à¤à¥à¤•ने की बजाय घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को मोड़कर बैठें। इससे आप अपना काम à¤à¥€ कर सकती हैं और पेट पर थोड़ा कम दबाव पड़ेगा।
à¤à¥à¤•ी हà¥à¤ˆ पोजीशन से वापस ऊपर आने के लिठहाथों, घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ और जांघों की मदद लें। अगर आप कोई à¤à¤¾à¤°à¥€ सामान उठा रही हैं तो उसे अपने पेट के सामने रखने के बजाय पेट के नीचे रखें।
अकà¥â€à¤¸à¤° घर के काम करने के दौरान महिलाओं को à¤à¥à¤•ना पड़ता है, लेकिन अगर बहà¥à¤¤ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जरूरी नहीं है तो आपको à¤à¥à¤•ने जैसे कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ से बचना चाहिà¤à¥¤ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी का समय बहà¥à¤¤ नाजà¥à¤• होता है और आपकी à¤à¤• छोटी-सी गलती à¤à¥€ शिशॠकी जान के लिठखतरा पैदा कर सकती है इसलिठखासतौर पर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ की तीसरी तिमाही में à¤à¥à¤•ने की गलती बिलà¥â€à¤•à¥à¤² न करें। यही आपके और आपके शिशॠके सà¥â€à¤µà¤¾à¤¸à¥â€à¤¥à¥â€à¤¯ के लिठठीक रहेगा।
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